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Tuesday, June 30, 2026
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नर्मदा तट पर आयोजित किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम

जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन

          विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान का आज 16 जून 2024 गंगा दशहरा पर समापन हुआ। प्राकृतिक जल स्त्रोतों को अविरल बनाये जाने के उद्देश्य से जिले में स्थित नदी, तालाबों, कुओं, बावड़ी तथा अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य उत्साह से किया गया, जिसमें जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवाहित होने वाली नदियों, तालाब एवं जल संरचनाओं के पुनर्जीवन व संरक्षण का कार्य स्थानीय, सामाजिक, संस्थाओं एवं जनभागीदारी के माध्यम से किया गया। इसमें मुख्य रूप से नर्मदा घाटों की सफाई, जल संवाद कार्यक्रम, जल संरक्षण के उन्नयन कार्य में कैचमेन्ट के अतिक्रमण को हटाना, कैचमेन्ट के उपचार जैसे- नाले-नालियों की सफाई, वृक्षारोपण, बंड विस्तार, जल भराव क्षेत्र में जमा मिट्टी अथवा गाद को निकालना, पिचिंग-घाट निर्माण इत्यादि की दिशा में भी प्रभावी कार्य किया गया।

          स्थानीय नर्मदा तट रपटाघाट में अभियान के समापन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत डॉ. संजय कुशराम, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद मंडला विनोद कछवाहा, अध्यक्ष जनपद पंचायत मंडला संतोष सोनू भल्लावी, कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त कलेक्टर अरविंद सिंह एवं हुनेन्द्र घोरमारे, सीएमओ नगरपालिका परिषद मंडला गजानंद नाफड़े, भीष्म द्विवेदी, सीईओ जनपद पंचायत मवई कपिल तिवारी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

          नर्मदा तट पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गई जिनमें श्याम बैरागी की स्थानीय बोली में लोकगीत, मेनका चौरसिया द्वारा कत्थक नृत्य के माध्यम से वंदना, लवी बरमैया द्वारा जल संरक्षण गीत, श्रेया तिवारी द्वारा प्रकृति वंदना आदि प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित जनसमुदाय का मनोरंजन किया गया। उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने कहा कि प्राकृतिक जल स्त्रोत प्रकृति का उपहार है, इनका संरक्षण हमारा दायित्व है। हम सौभाग्यशाली हैं कि मां नर्मदा के तट पर निवास करने का हमें अवसर मिला है। इस दौरान उपस्थित लोगों को जल स्त्रोतों के संरक्षण की शपथ दिलाई गई। साथ ही उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया।

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