द वायरल।मंडला। जिले के अधिकांश शासकीय विभागों की स्थानांतरण सूचियां जारी हो चुकी हैं, लेकिन सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण सूची अब तक जारी नहीं होने से कर्मचारियों के साथ-साथ आमजन के बीच भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लगातार बढ़ रही देरी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारों के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस कारण पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासनिक कारणों से सूची जारी होने में विलंब हो रहा है, जबकि कुछ इसे विभागीय स्तर पर चल रही अंदरूनी खींचतान और अन्य कारणों से जोड़कर देख रहे हैं।

इधर, स्थानांतरण की आस लगाए बैठे कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बनी अनिश्चितता की स्थिति से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। कई कर्मचारी पारिवारिक और शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण सूची का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन समय पर जानकारी नहीं मिलने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कर्मचारियों का कहना है कि विभाग की जिम्मेदारी है कि वह स्थिति को स्पष्ट करते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया की वास्तविक जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि अफवाहों और अटकलों पर विराम लग सके।
फिलहाल जिले भर की निगाहें सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग पर टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग इस सस्पेंस से पर्दा कब उठाता है और शिक्षकों व कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण सूची कब जारी होती है। कर्मचारी और आमजन दोनों ही इस मामले में विभाग से स्पष्ट और पारदर्शी जवाब की अपेक्षा कर रहे हैं।
