मंडला : कान्हा टायगर रिजर्व के अंतर्गत परिक्षेत्र भैसानघाट के बीट पोंगापानी में दिनांक 05/02/2023 को घायल बाघिन का रेस्क्यू किया गया। बाघिन (टी-9) जिसकी उम्र लगभग 12-13 वर्ष है, के गले में क्लच वायर का फंदा लगने के कारण घांव हो गया था। इसे दिनांक 06/01/2023 को प्रथम बार घायल अवस्था में देखा गया था। इसके रेस्क्यू हेतु परिक्षेत्र भैसानघाट, मुक्की एवं गढ़ी के वनक्षेत्रों में तभी से लगातार प्रयास किया जा रहा था। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिये तीन विभागीय हाथी एवं 50-60 वयक्तियों का दल लगाया गया था। बाघिन के लगातार चलायमान होने से उसकी निश्चित उपस्थिति नहीं मिल पा रही थी। लगभग 5000 हेक्ट. क्षेत्र में इसका विचरण था। दिनांक 02/02/2023 को बीट पांगापानी में पिंजरा लगा कर रेस्क्यू का प्रयास किया गया। दिनांक 05/02/2023 को बाघिन (टी-9) पकड़ी गयी। मौके पर बाघिन को बेहोशकर तार का फंदा काटा गया एवं गले के घाव को सफाई कर दवाई लगाई गयी। बाघिन को आगे भी उपचार की आवश्यकता को देखते हुये मुक्की रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित किया गया है। इसे घांव के ठीक होने तक रखा जायेगा। बाघिन का रेस्क्यू एवं उपचार कान्हा टायगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री सुनील कुमार सिंह, भा.व.से. के मार्गदर्शन में किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान डॉ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक, श्री संजय रायखेड़े, सहायक संचालक (हलोन), श्री कैलाश बामनिया, परिक्षेत्र अधिकारी, भैसानघाट एवं अन्य क्षेत्रीय अमला भी उपस्थित रहा।
कान्हा में घायल बाघिन का रेस्क्यू एवं उपचार
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