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Sunday, April 26, 2026
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फसल अवशेषों को खेतों में जलाया जाना प्रतिबंधित (मण्‍डला समाचार)

नरवाई जलाने वालों पर अर्थदण्ड का प्रावधान

            कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना द्वारा नरवाई जलाने वालों पर अर्थदण्ड अधिरोपित करने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार 2 एकड़ से कम पर 2500 प्रति घटना पर दो से पांच एकड़ तक 5 हजार प्रति घटना पर एवं 5 एकड़ से अधिक पर 15 हजार प्रति घटना पर अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है।

            जिले में रबी फसल के अन्तर्गत बोयी जाने वाली फसलों की कटाई के पश्चात किसानों के द्वारा नरवाई (फसलों के अवशेषों) जला दी जाती है जिसके कारण भूमि में उपलब्ध जैव विविधिता समाप्त हो जाती है। भूमि की ऊपरी परत में पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो आग लगने के कारण जलकर नष्ट हो जाते हैं। साथ ही नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। भारत सरकार द्वारा खेतों में फसल अवशेष नरवाई जलाने की घटनाओं की मॉनिटरिंग सेटेलाईट के माध्यम से की जा रही है। प्रदेश में नरवाई जलाने की घटनाएं मुख्यतः गेहूँ की फसल कटाई के बाद होती है जो लगातार बढ़ती जा रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के क्रम में एयर एक्ट 1981 के अन्तर्गत फसलों की कटाई के उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाए जाने से प्रतिबंधित किया गया है। पर्यावरण विभाग के नोटिफिकेशन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं जिसके अन्तर्गत नरवाई जलाने की घटनाओं पर अर्थदण्ड अधिरोपित करने का प्रावधान किया गया है जिसमें 2 एकड़ से कम पर 2500 प्रति घटना पर दो से पांच एकड़ तक 5 हजार प्रति घटना पर एवं 5 एकड़ से अधिक पर 15 हजार प्रति घटना पर अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है।

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