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Monday, May 4, 2026
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किसान भाईयों को रोपा पद्धति की बजाय धान की सीधी बुवाई की सलाह (ग्‍वालियार समाचार)

सीधी बुवाई पद्धति कम खर्चीली होने के साथ-साथ पानी की भी करती है बचत

कम लागत में धान की फसल प्राप्त करने के लिये किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने किसान भाईयों को उपयोगी सलाह दी है। कृषकों को रोपा पद्धति के बजाय डीएसआर पद्धति (डायरेक्ट सीडिड राईस) अर्थात सीधे बुवाई कर धान की फसल लगाने की सलाह दी गई है।

डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई करने से लागत में कमी आती है और मजदूरी कम लगती है। साथ ही जल संरक्षण भी होता है। इस पद्धति से धान लगाने से समय पर बुवाई हो जाती है और रबी की फसल की बोनी भी समय से हो जाती है। जिले के किसान भाई इस फसल पद्धति के संबंध में सहायक कृषि यंत्री (मोबा. 7737292325) पर संपर्क कर सकते हैं।

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास आर एस शाक्यवार ने जिले के किसान भाईयों से डीएसआर पद्धति से अधिक से अधिक रकबे में धान की बुवाई करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि धान की बुवाई डीएसआर सीडड्रिल या जीरोटिलेज सीडड्रिल से की जा सकती है। यह सीडड्रिल उपलब्ध न होने पर सामान्य सीडड्रिल में ही फ्लूटेड रोलर पर्याप्त स्थिति में खोलकर उपयोग किया जा सकता है। इससे धान की बीज टूटने से बच जाता है। साथ ही बीज के साथ डीएपी का मिश्रण भी किया जा सकता है।

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