द वायरल। मंडला। मानसून की दस्तक से पहले शहर में जल निकासी व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। बुधवारी वेद घाट से नावघाट की ओर जाने वाले क्षेत्र में नर्मदा जल के कटाव और वर्षा के पानी की निकासी के लिए मौजूद एकमात्र मार्ग बुधवारी पुल के नीचे झाड़ियां और बड़े-बड़े पेड़ों से लगभग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सफाई नहीं कराए जाने से बरसात के दौरान गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

कुर्मी समाज विकास संगठन के जिला अध्यक्ष एवं धार्मिक-सामाजिक कार्यकर्ता नेकेश्वर पटेल ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बरसात बिल्कुल नजदीक है, लेकिन इसके बावजूद जल निकासी मार्ग की सफाई नहीं कराई गई है। पुल के भीतर बड़ी मात्रा में झाड़ियां और वनस्पति उग आने से नाला पूरी तरह ढक गया है, जिससे बारिश का पानी और नर्मदा का अतिरिक्त बहाव प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराई गई तो तेज बारिश के दौरान जलभराव, कटाव और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की स्थिति बन सकती है। यह केवल सफाई का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और शहर की जल निकासी व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।
स्थानीय नागरिकों का भी आरोप है कि हर वर्ष बरसात से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही दिखाई देती है। बुधवारी पुल के नीचे की हालत नगर पालिका के दावों की पोल खोल रही है। लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से तत्काल सफाई अभियान चलाकर अवरुद्ध निकासी मार्ग को सुचारू करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

नेकेश्वर पटेल ने कहा कि नगर पालिका को केवल कागजी तैयारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर सफाई कार्य कराया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ सकता है।
इनका कहना है :
आज ही निरीक्षण कराया जाएगा यदि गाड़ी उतारना संभव हुआ तो गाड़ी के द्वारा नहीं तो श्रमिक लगाकर जल्द से जल्द सफाई कराई जाएगी।
गजानन नाफड़े सीएमओ नपा मंडला