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पशुओ को लू से बचाया जाये (इन्‍दौर समाचार)

पशु चिकित्सा विभाग ने जारी किये परामर्शी सुझाव

गर्मियों को देखते हुये पशु चिकित्सा विभाग ने कहा कि है कि पशुओं को लू से बचाया जाये। इसके लिए विभाग द्वारा परामर्शी सुझाव जारी किये गये है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा सलाह दी गई है कि पशुओं के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। पक्षियों हेतु भी छत में पानी का बर्तन रखे व दिन में उसे भरते रहे। पशुओं को पर्याप्त छायादार स्थान उपलब्ध कराए। पशुओं को रखने एवं बांधने का स्थान, स्वच्छ, हवादार एवं रोशनदान युक्त हो यह सुनिश्चित किया जाये।

लू लगने की स्थिति में पशुओं में पाए जाने वाले लक्षण

            पशुओं के शरीर का तापमान 41 से लेकर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। पशुओं की चाल सुस्त हो जाती है एवं खाना पीना छोड़ देते है। पशु जीभ बाहर निकाल कर कठिनाइयों से सांस लेता है एवं पशु बेहोश भी हो सकता है। अगर उपरोक्त लक्षण अपने पशुओं में दिखाई दे, तो नजदीकी पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक से संपर्क किया जा सकता है।

लू से बचाव हेतु सुझाव

            पशुओं के रहने का स्थान हवादार हो और दोपहर में ग्रीन जाली से ढक देना चाहिए। पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी देना चाहिए एवं पशुओं के ऊपर पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए। व्यवसायिक एवं खेती में काम आने वाले पशुओं से दोपहर तेज धूप में काम ना लिया जाये।

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