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डेंगू बीमारी से बचाव हेतु जानकारी (मण्‍डला सामाचार)

          16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है। मानसून सीजन में बीमारियों के फैलने के ज्यादा अवसर होते हैं। जून से इसका प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ता जाता है जो वर्ष के अंत से कम होने लगता है। डेंगू बुखार, डेंगू नामक वायरस के कारण होता है जिसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द; त्वचा पर चेचक जैसे लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों हड्डियों एवं आंख के पीछे दर्द शामिल है, इनमें से किसी भी लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करना चाहिए।

            डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, यह मच्छर काले रंग के साथ शरीर पर सफेद धारी लिए होने से आसानी से पहचाना जा सकता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है, जब एक स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित एडीज मच्छर काटता है तो डेंगू होने की संभावना रहती है। एडीज मच्छर साफ व रुके हुए पानी में अंडे देता है। कहीं पर भी पानी जमा न होने दें, साफ पानी को ढक्कर रखें, कूलर, टंकी, होदी, घर के अन्दर रखे गमलों के पानी को हफ्ते में जरूर बदलें। घरों की छत पर रखे अनुपयोगी वस्तुएं जैसे डब्बे, फूलदान, टायर, बर्तन इत्यादि की सफाई करें, उन्हें इस प्रकार रखें कि इनमें पानी जमा ना होने पाये, पानी की टंकियों के ढक्कन लगायें। अपने घरों में मच्छर निरोधक पौधे जैसे- लेमनग्रास, लहसुन, लेवेंडर, गेंदा, तुलसी, सिट्रोनेला इत्यादि लगावें। आवश्यक है कि हम सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों में मच्छर निरोधक जालियों का उपयोग करें, मच्छर निरोधी क्रीम,  कॉइल तथा रेपेलेंट का उपयोग करें।

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