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आंगनवाड़ी के निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराएं – डॉ. सिडाना (मण्‍डला समाचार)

समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश

            महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों को 24 मई तक पूर्ण कराएं। इसी प्रकार मरम्मत के कार्यों में भी गति लाते हुए उन्हें भी जल्द पूरा करें। कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों को आकर्षक रूप से विकसित करें। उनमें बच्चों की रूचि के अनुरूप पेंटिंग भी कराएं। जिला योजना भवन में संपन्न हुई इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, ईईपीआईयू जीपी पटले, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास शालिनी तिवारी, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित उपस्थित रहे।

पुरूस्कृत होंगी अच्छा कार्य करने वाली एजेंसियाँ

            कलेक्टर ने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य तथा मरम्मत कार्यों को समय सीमा में बेहतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने वाली एजेंसियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रों में बच्चों के रूचि के अनुरूप पेंटिंग, उसकी साज-सज्जा तथा केन्द्र से प्रदाय की जाने वाली सेवाओं के आधार पर भी मार्किंग की जाएगी। आंगनवाड़ी सहित किसी भी शासकीय भवन में किसी प्रकार का राजनैतिक अथवा व्यावसायिक विज्ञापन अंकित न किया जाए।

योजनाओं के लाभ से कोई वंचित न रहे

            डॉ. सिडाना ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन एवं टीकाकरण, बच्चों के टीकाकरण, कुपोषित तथा कम वजन के बच्चों के उपचार एवं फॉलोअप, मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना का बेहतर क्रियान्वयन करें। कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। विभागीय अधिकारी नियमित रूप से केन्द्रों का भ्रमण करते हुए संबंधितों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

एनआरसी के लिए रोस्टर बनाएं

            कलेक्टर ने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र में आने वाले बच्चों को पौष्टिक तथा स्वादिष्ट भोजन प्रदाय करें। विभागीय अधिकारी भ्रमण के दौरान बच्चों को दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता अनिवार्य रूप से जांच करें। कुपोषित तथा कम वजन के बच्चों की समीक्षा करते हुए डॉ. सिडाना ने निर्देशित किया कि रोस्टर बनाकर बच्‍चों को एनआरसी में भर्ती कराएं। एनआरसी में कोई भी बिस्तर खाली नहीं रहना चाहिए इस संबंध में स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास विभाग का अमला आपस में समन्वय सुनिश्चित करें।

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